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बांकीपुर में उम्मीदवार बदलने पर घमासान, प्रशांत किशोर बोले- ‘डर गई भाजपा’, त्रिकोणीय मुकाबला हुआ रोचक

बांकीपुर उपचुनाव: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले सूबे की सियासत में एक और नया मोड़ आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषित उम्मीदवार को बदलते हुए नया प्रत्याशी मैदान में उतारा है, जिसके बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पार्टी पर तीखा हमला बोला है।

कैसे बदला उम्मीदवार

भाजपा ने शुरुआत में युवा नेता अभिषेक कुमार सिन्हा (उर्फ अभिषेक बंटी) को बांकीपुर से अपना उम्मीदवार घोषित किया था, और उन्होंने नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था। लेकिन नामांकन के महज एक दिन बाद ही, पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया प्रत्याशी घोषित किया।

प्रशांत किशोर का तीखा पलटवार

उम्मीदवार बदलने की खबर सामने आते ही प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोई भी विधानसभा या लोकसभा सीट किसी की निजी जागीर नहीं होती, और जनता के सामने विकल्प आने पर हालात बदल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक भाजपा दूसरे दलों के उम्मीदवारों पर दबाव बनाकर उन्हें मैदान छोड़ने पर मजबूर करती रही है, लेकिन इस बार खुद भाजपा का ही उम्मीदवार पीछे हट गया।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किशोर ने इस उपचुनाव को बिहार में भाजपा सरकार के कामकाज पर एक जनमत संग्रह (रेफरेंडम) करार दिया, और क्षेत्र के करीब चार लाख मतदाताओं से बदलाव के लिए वोट करने की अपील की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह जन सुराज पार्टी या उनके संगठन की ताकत नहीं, बल्कि आम जनता के लामबंद होने का नतीजा है, खासकर तब जब वे खुद जीवन में पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।

सीट खाली होने की वजह

बांकीपुर सीट पहले भाजपा के नितिन नबीन के पास थी। बाद में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया, जहां वे निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट खाली हुई और निर्वाचन आयोग को उपचुनाव कराने की घोषणा करनी पड़ी।

त्रिकोणीय मुकाबला

बांकीपुर सीट पर अब मुकाबला दिलचस्प त्रिकोणीय होता दिख रहा है:

तीनों प्रमुख दलों के मैदान में होने से यह सीट बिहार की सबसे ज्यादा चर्चित उपचुनाव सीटों में शुमार हो गई है।

चुनावी कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई है। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना और नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।

भाजपा का पक्ष

भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार बदलने का कारण पारिवारिक बताया गया है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को लेकर अलग-अलग अटकलें भी लगाई जा रही हैं। पार्टी ने अभी तक प्रशांत किशोर के आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है।

निष्कर्ष

बांकीपुर उपचुनाव, जो कभी भाजपा के मजबूत गढ़ के तौर पर देखा जाता था, अब चुनाव से पहले ही राज्य की राजनीति में सुर्खियां बटोर रहा है। उम्मीदवार बदलने से मची हलचल और प्रशांत किशोर की पहली सीधी चुनावी लड़ाई ने इस मुकाबले को बिहार उपचुनाव 2026 की सबसे नजर रखने वाली सीटों में शामिल कर दिया है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ होगी।

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