Site icon

US-Iran जंग और भड़की: लगातार दूसरी रात हमले, UN महासचिव की चेतावनी- ‘भयंकर परिणाम होंगे’, कुवैत-जॉर्डन तक पहुंची आग

US Iran war latest news:

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और भी विकराल रूप ले चुका है। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी रात ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने इस बढ़ते संघर्ष को लेकर दुनिया को आगाह करते हुए कहा है कि अगर स्थिति और बिगड़ी, तो इसके “भयंकर परिणाम” हो सकते हैं।

दूसरी रात के हमलों की तस्वीर

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ताजा हमले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा एक और वाणिज्यिक जहाज पर हमला करने के जवाब में किए गए। इन हमलों में ईरान के सैन्य वायु-रक्षा तंत्र, तटीय रडार केंद्र, मिसाइल व ड्रोन क्षमताएं और छोटी नौसैनिक नौकाओं को निशाना बनाया गया।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में जास्क, क़ेशम, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई स्थानों पर धमाकों की खबरें आई हैं। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में पहली बार जान-माल का नुकसान भी सामने आया है — माहशहर शहर में एक कृषि जल पम्पिंग स्टेशन पर हुए हमले में वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए। इसके अलावा फारूर द्वीप पर एक दूरसंचार कंपनी के तकनीशियन की भी जान चली गई।

अब कुवैत, बहरीन और जॉर्डन भी चपेट में

संघर्ष अब खाड़ी क्षेत्र के कई और देशों तक फैल चुका है:

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर “जवाबी कार्रवाई” जारी रखने की चेतावनी दी है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के एक सदस्य ने यह भी कहा कि जिन खाड़ी देशों ने अमेरिका का साथ दिया, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

UN महासचिव की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस बढ़ते टकराव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि अगर यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसके नतीजे पूरे क्षेत्र और वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

सीजफायर पर अस्पष्टता बरकरार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम को “खत्म” करार दिया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने साथ ही यह भी साफ किया है कि बातचीत का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। कतर की मध्यस्थता में परोक्ष बातचीत अब भी जारी बताई जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची लगातार कतर के प्रधानमंत्री और उनकी टीम के संपर्क में हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही एक-दूसरे को “भरोसेमंद वार्ताकार” नहीं मानते, यही वजह है कि बातचीत के बावजूद हमले नहीं थम रहे।

आर्थिक असर लगातार बढ़ रहा

संघर्ष के इस नए दौर का असर वैश्विक बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है। तेल और गैस टैंकरों पर हमलों की खबरों के बाद शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में हफ्तों की गिरावट के बाद अब पेट्रोल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने युद्ध का खर्च उठाने के लिए कांग्रेस को एक बड़े अतिरिक्त बजट पैकेज का प्रस्ताव भी भेजा है।

क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया

खाड़ी देशों और पाकिस्तान ने ईरान की ताजा कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है, और क्षेत्र में शांति बहाल करने की अपील दोहराई है। हालांकि शिपिंग को लेकर स्थिति पर अब भी असमंजस बना हुआ है — जहां अमेरिकी सेना का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से यातायात सामान्य रूप से जारी है, वहीं ईरान इसे बंद किए जाने का दावा करता रहा है।

निष्कर्ष

अमेरिका-ईरान संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां लगातार दूसरी रात हुए हमलों, पहली बार सामने आई मौतों, और खाड़ी के कई देशों तक फैलती आंच ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। UN जैसी वैश्विक संस्था की चेतावनी के बावजूद जमीनी हालात में फिलहाल कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा। कतर की मध्यस्थता में जारी परोक्ष बातचीत ही इस समय सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई है।

Exit mobile version