CJP संस्थापक अभिजीत दीपके PM मोदी इस्तीफा मांग
नई दिल्ली: Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। हालिया घटनाओं के बाद दीपके ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व को लेनी चाहिए।
दीपके का बयान उस समय आया जब दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद CJP ने सरकार की कार्रवाई की आलोचना की और आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। इसी क्रम में अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके PM मोदी इस्तीफा मांग
सोनम वांगचुक के समर्थन में आंदोलन तेज
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद अभिजीत दीपके ने स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती।
सरकार की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब
अभिजीत दीपके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग किए जाने पर फिलहाल केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
राजनीतिक बहस तेज
दीपके के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
निष्कर्ष
अभिजीत दीपके की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग ने मौजूदा राजनीतिक माहौल में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, यह CJP का राजनीतिक रुख और बयान है। इस मांग पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी।
Sardar kya en jese bebkufo ko jabaw deti rahegi ya apna kaam kregi…. suna tha history repeats but ye to history nhi ye to saalo mai mudda repeat ho rha hai es mand budhi ne kejriwaal ki yaad dila de