72nd National Film Awards: भारतीय सिनेमा जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शुमार 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान शनिवार, 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कर दिया गया। ये पुरस्कार 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2024 के बीच सेंसर बोर्ड (CBFC) से प्रमाणित हुई फिल्मों को दिए गए हैं। फिल्मकार जयराज की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय जूरी ने देशभर की विभिन्न फिल्म इंडस्ट्रीज से आई एंट्रीज में से विजेताओं का चुनाव किया।
सबसे बड़ा उलटफेर — साझा बेस्ट एक्टर
इस साल सबसे ज्यादा चर्चा बेस्ट एक्टर कैटेगरी को लेकर रही, जहां दिग्गज अभिनेता ममूटी और युवा स्टार कार्तिक आर्यन ने यह सम्मान साझा किया। वहीं बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार यामी गौतम के नाम रहा।
बेस्ट फीचर फिल्म का ताज किसके सिर
राजनीतिक ड्रामा ‘आर्टिकल 370’ (निर्देशक: आदित्य सुहास जांभले) इस बार सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी और बेस्ट फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम किया। वहीं ‘कल्कि 2898 AD’ (निर्देशक: नाग अश्विन) को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग व्होलसम एंटरटेनमेंट की कैटेगरी में सम्मानित किया गया।
अभिनेता से निर्देशक बने रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार जीता, जो स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित है।
सपोर्टिंग कलाकारों और गीतकारों को भी सम्मान
संजय मिश्रा ने फिल्म ‘भक्षक’ में अपने दमदार अभिनय के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार जीता। वहीं गीतकार मनोज मुंतशिर को दिग्गज फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम की बायोपिक ‘मैदान’ के गीत “जाने दो” के लिए बेस्ट लिरिक्स का सम्मान मिला।
दक्षिण भारतीय सिनेमा का दबदबा
इस साल के पुरस्कारों में दक्षिण भारतीय सिनेमा खासतौर पर छाया रहा — तमिल, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों ने कई बड़ी कैटेगरी में जगह बनाई। मल्टीपल नेशनल अवॉर्ड विजेता धनुष के लिए भी यह साल यादगार रहा — उनकी निर्देशित फिल्म ‘रायन’ (जिसमें उन्होंने खुद मुख्य भूमिका निभाई) ने बेस्ट तमिल फिल्म का खिताब जीता, जबकि उन्हीं की एक अन्य फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ को भी दो सम्मान मिले।
शिवकार्तिकेयन की ‘अमरन’ तीन पुरस्कारों के साथ तमिल सिनेमा की सबसे बड़ी विजेताओं में शामिल रही, वहीं अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा: द रूल – पार्ट 2’ को भी कई सम्मान मिले। ‘महाराजा’ और ‘ब्रह्मयुगम’ जैसी फिल्मों ने भी तकनीकी उत्कृष्टता और कहानी कहने के दमदार अंदाज के लिए पुरस्कार अपने नाम किए। मैयझगन और कैप्टन मिलर को स्पेशल मेंशन से भी नवाजा गया।
बाल कलाकारों को भी मिला सम्मान
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का पुरस्कार इस बार साझा रूप से दिया गया — अरुणदेव पोथुला (फिल्म ’35 चिन्ना कथा कडु’) और रिद्धिमान बनर्जी, तपोमय देव व गीताश्री चक्रबर्ती (फिल्म ‘आंखों की गुस्ताखियां’) को यह सम्मान मिला।
सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाली फिल्म
‘कैप्टन मिलर’ को बेस्ट फीचर फिल्म प्रोमोटिंग नेशनल, एनवायरनमेंटल एंड सोशल वैल्यूज की कैटेगरी में भी सम्मानित किया गया, जो इस फिल्म की एक और बड़ी उपलब्धि रही।
निष्कर्ष
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार इस बार भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का बेहतरीन प्रतिबिंब साबित हुए — जहां एक तरफ हिंदी सिनेमा की ‘आर्टिकल 370’ और ‘कल्कि 2898 AD’ जैसी फिल्मों ने बाजी मारी, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारतीय सिनेमा ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। ममूटी और कार्तिक आर्यन की साझा जीत इस साल के सबसे चर्चित पलों में से एक रही, जो अनुभव और नई पीढ़ी की प्रतिभा के अनोखे संगम का प्रतीक बन गई।